जानिए अश्वगंधा के 22 आश्चर्यजनक फायदे

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अश्वगंधा के फायदे और नुकसान

 Ashwagandha Benefits in hindi 

अश्वगंधा फायदे सुनकर आप भी ! इसका इस्तेमाल आज से ही शुरु कर देंगे!!
अश्वगंधा के गुण : अश्वगंधा कफ वातनाशक, रसायन, बाजीकारक, नाड़ी-शक्तिवर्द्धक तथा पाचनशक्ति को बढ़ाता है।! अश्वगंधा कम हानिकारक होता है! हानिकारक : गर्म प्रकृति वालों के लिए अश्वगंधा का ज्यादा मात्रा में उपयोग हानिकारक होता है!!
अलग अलग रोगों का अश्वगंधा से उपचार :
1 गंडमाला : अश्वगंधा के नये कोमल पतियों को समान मात्रा में पुराना गुड़ मिलाकर तथा पीसकर झाड़ी के बेर जितनी गोलियां बना लें। इसे सुबह ही एक गोली बासी पानी के साथ निगल लें और असगंधा के पत्तों को पीसकर गंडमाला पर लेप करें।इस से गंडमाला बिल्कुल ठीक हो जाती है।
2 हृदय शूल – वात के कारण पैदा हृदय रोग में असगंध का चूर्ण 5 ग्राम गर्म पानी के साथ लेने से लाभ होता है। *असगंध चूर्ण में बहेड़े का चूर्ण बराबर मात्रा में मिलाकर 5-10 ग्राम की मात्रा गुड़ के साथ लेने से हृदय जैसे विकार ठीक हो जाते हैं।
3. टी.बी. – 5 ग्राम अश्वगंधा के चूर्ण को अश्वगन्धा के ही 50 मिलीलीटर काढ़े के साथ सेवन करने से क्षय नाम की बीमारी बिल्कुल ठीक हो जाती है। 5 ग्राम असगंध की जड़ के चूर्ण में 2 ग्राम बड़ी पीपल का चूर्ण, 7 ग्राम घी और 15 ग्राम शहद मिलाकर सेवन करने से ज्यादा लाभ मिलता है!
4. खांसी : – अश्वगंधा की 15ग्राम जड़ को कूट लें, इसमें 20 ग्राम मिश्री मिलाकर 500 मिलीलीटर पानी में अच्छी तरह से पकाएं, उसे तब तक पग आते रहें जब तक दसवां हिस्सा ना रह जाए!! * अश्वगंधा के पत्तों का काढ़ा 70 मिलीलीटर, बहेडे़ का चूर्ण 50 ग्राम, कत्था का चूर्ण 16 ग्राम, कालीमिर्च 40 ग्राम, लगभग 2 ग्राम सेंधानमक को मिलाकर लगभग आधा ग्राम की गोलियां बना लें। और इन गोलियों को सुबह शाम एक-एक चूसने से इन गोलियों को चूसने पुरानी से पुरानी खांसी बिल्कुल दूर हो जाती है !!
5. गर्भधारण मैं अश्वगंधा का उपयोग: -अश्वगंधा का चूर्ण 50 ग्राम, पानी 2 लीटर गाय का दूध 3 50 मिलीलीटर तीनों को हल्की आंच पर पकाकार मिश्री और 6 ग्राम गाय का घी मिलाकर सेवन करें! स्त्री अवश्यगर्भ धारण करती है। *अश्वगंधा का चूर्ण, गाय के घी में मिलाकर मासिक-धर्म स्नान के पश्चात् प्रतिदिन गाय के दूध के साथ या ताजे पानी से 4-6 ग्राम की मात्रा में 1 महीने तक निरंतर सेवन करने से स्त्री गर्भधारण अवश्य करती है।
6. गर्भपात : -बार-बार गर्भपात होने पर अश्वगंधा और सफेद कटेरी की जड़ इन दोनों का 20 -2 0 मिलीलीटर रस पहले 3 महीने तक सेवन करने से अकाल में गर्भपात नहीं होगा।
7. श्वेतप्रदर :- अश्वगंधा के एक चम्मच को गुड के साथ लेने से बहुत लाभ होता है!!
8. पेट के कीड़े : – 10 ग्राम अश्वगंधा और 10 ग्राम गिलोय को मिलाकर सेवन करने से पेट के कीड़े बिल्कुल खत्म हो जाते हैं!!
9. जोड़ों का दर्द में : अश्वगंधा के जड़, पत्ती, तना, फल और फूल को कूटकर, छानकर 35 से 40 ग्राम प्रयोग करने से इस में बहुत ज़्यादा लाभ होता है। होता है। गठिया में अश्वगंधा के 30 ग्राम ताजा पत्ते, 200 मिलीलीटर पानी में उबालकर जब पानी आधा रह जाये तो छानकर पी लें। 2 सप्ताह पीने से ही गठिया करोगी एकदम स्वस्थ हो जाता है इस घटिया बिल्कुल खत्म हो जाता है! *अश्वगंधा के चूर्ण की मात्रा 2/5 ग्राम सुबह-शाम गर्म दूध तथा पानी के साथ लगातार 20 दिन खाने से घटिया में काफी फायदा मिलता है! *अश्वगंधा के तीन ग्राम चूर्ण को तीन ग्राम घी में मिलाकर से काफी आराम मिलता है!!
10. कमर दर्द : – 10 ग्राम अश्वगंधा को और 5 ग्राम गाय के घी को मिलाकर जीभ से चाटने से कमर का दर्द ठीक हो जाता है। *असगंध और सोंठ बराबर मात्रा में लेकर इनका चूर्ण बना लें। फिर इसका प्रयोग करें। * सफेद मूसली और अश्वगंधा को 10 10 ग्राम मिलाकर दूध के साथ पीने से स्टेमिना बढ़ जाता है और नपुसंकता दूर होती है।
11 नपुंसकता :- सफेद मूसली और अश्वगंधा और शतावर कौंच के बीज को बराबर मात्रा में पीसकर इसका अचे से चूर्ण बना लें और लगातार दो महीने तक सुबह शाम एक एक चम्मच इस चूर्ण का गुनगुने मीठे दूध के साथ खाएं 2 महीने के अंदर आप की नपुसंकता की बीमारी हमेशा के लिए समाप्त हो जाएगी।
12. कमजोरी – अश्वगंधा के सेवन से कमजोर से कमजोर पुरुष भी महा शक्तिशाली बन जाता है एक चम्मच अश्वगंधा का चूर्ण शहद में मिलाकर खाने से शरीर की कमजोरी दूर हो जाती है। *असंगध चूर्ण, तिल व घी 10-10 ग्राम लेकर और तीन ग्राम शहद मिलाकर नित्य सर्दी में सेवन करने से कमजोर शरीर वाला बालक मोटा हो जाता है। *अश्वगंधा का चूर्ण 10 ग्राम चूर्ण में 5 ग्राम शहद और 5 ग्राम शिलाजीत मिलाने से बुड्ढा आदमी भी जवान जैसा महसूस करने लग जाता है अंदर से स्टेमिना बढ़ जाता है और जोश आता है शरीर की सारी कमजोरी दूर हो जाती है।
13. खून की कमी और खराबी – 4 ग्राम चोपचीनी और अश्वगंधा का बारीक पिसा चूर्ण बराबर मात्रा में लें । पर लगातार इसका सेवन करते रहें लगातार करने से आपको काफी फायदा मिलेगा !! इसे शहद के साथ नियमित सुबह-शाम चाटने से रक्तविकार मिट जाता है। और आपका खून बिल्कुल साफ हो जाता है!
14. ज्वर (फीवर) -इसका चूर्ण पांच ग्राम, गिलोय की छाल और अश्वगंधा को 2020 ग्राम मिलाकर खाने से बीमारी खत्म हो जाती है!
15. 100 प्रकार के रोगों में : -लगभग 1 ग्राम का चौथा भाग गिलोय का चूर्ण को 10 ग्राम अश्वगंधा के चूर्ण के साथ मिलाकर शहद के साथ चाटने से सभी प्रकार के रोग दूर हो जाते हैं।
16. बांझपन दूर करना – अश्वगंधा , नागकेसर और गोरोचन इन तीनों को बराबर मात्रा में लेकर पीस कर सेवन करने से बांझपन की बीमारी खत्म हो जाती है और आप आसानी से बच्चा पैदा कर सकते हो। *असगंध तथा नागौरी को 50 ग्राम की मात्रा में लेकर कूटकर कपड़छन कर लेते हैं। जब मासिक-धर्म के बाद स्त्री स्नान करके शुद्ध हो जाए तो 10 ग्राम की मात्रा में इसका उपयोग करें।
17 गर्भधारण – अश्वगंधा के काढे़ में दूध और घी मिलाकर 15 दिनों तक पिलाने महिला गारंटी के साथ गर्भधारणा प्राप्त कर सकती है।
18. अल्सर :-10 ग्राम अश्वगंधा को गौमूत्र में पीसकर सेवन करना चाहिए। इसे अल्सर से काफी फायदा मिलता है!
19. हड्डी कमजोर होना : अश्वगंधा को शिलाजीत के साथ मिलाकर दूध में डालकर पीने से शरीर की हड्डियां मजबूत होती है और शरीर में चुस्ती और फुर्तीली आ जाती है और शरीर पहले के मुकाबले काफी अधिक मजबूत एवं ताकतवर हो जाता है!
20. रक्तप्रदर :-अश्वगंधा को कूट-पीसकर चूर्ण बना लें। इसे 10 ग्राम की मात्रा में सुबह खाना खाने से पहले उपयोग करने से इस रोग में काफी ज्यादा तक फायदा मिलता है।
21 स्तनों के आकार में वृद्धि : – शतावर और अश्वगंधा को मिलाकर स्कोर 10 दिन तक गेहूं की टंकी में दबाकर फिर इसे निकाल कर हर रोज एक एक चम्मच सुबह शाम पानी के साथ खाने से किसी भी महिला के स्तनों में विकास हो सकता है और उसके स्तन पहले से सुडौल व मोटे हो सकते हैं। और स्तन बहुत आकर्षक हो जाते है। *असंगध नागौरी, गजपीपल और बच आदि को बराबर लेकर पीसकर चूर्ण बना लें, फिर मक्खन के साथ मिलाकर स्तनों पर लगायें सस्तन काफी सुंदर एवं टाइट होंगे।
22 मोटापे – अश्वगंधा 100 ग्राम, मूसली 35 ग्राम, काली मूसली 55 की मात्रा में कूटकर छानकर रख लें, इसे 15 ग्राम की मात्रा में सुबह शाम खाना खाने से पहले गुनगुने पानी के साथ लेने से मोटापा धीरे धीरे समाप्त होने लग जाएगा।

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